Sign In
     
घर हमारे बारे में बजट क्रियाएँ
Go Search
  news arrows विभिन्न योजनाओं के तहत पशुपालक किसानों के लिए उपलब्ध सहायता                      दूध गंगा परियोजना                      मुख्यमंत्री आरोग्य पशुधन योजना                      पशुपालकों के सहायतार्थ टोल फ्री नंबर:- 1800 180 8006
मुख्य मेनू
संगठनात्मक व्यवस्था
संस्था का विवरण
विभागीय फार्म
पशु फार्मिंग
सूचना का अधिकार (आरटीआई)
स्टाफ स्थिति (31-05-2010 तक)
टेलीफ़ोन डाइरेक्टरी
शिकायत प्रकोष्ठ
हमसे संपर्क करें

कार्यक्रम और योजनाएं


मुख्यमंत्री आरोग्य पशुधन योजना



  • माननीय मुख्यमंत्री महोदय द्वारा वित्तीय वर्ष 2010-11 के बजट में अभिभाषण में प्रदेश में एक नई योजना “मुख्यमंत्री आरोग्य पशुधन योजना” के नाम से आरम्भ करने की घोषणा की गई है जिसके अंतर्गत सभी पंचायतों में चरणबद्ध तरीके से एक पशु चिकित्सा संस्थान खोलने का लक्ष्य रखा गया है|

  • हिमाचल प्रदेश में दो पंचायतों के लिए कम से कम एक पशु चिकित्सा संस्थान वर्तमान स्थापित है| कुल 2134 पशु चिकत्सा संस्थानों द्वारा पशु चिकित्सा, एवं पशु प्रजनन आदि सुविधायें उपलब्ध करवाईजा रही है जिनका विवरण निम्न प्रकार से है:-

    • वैटनरी पोलीक्लिनिक:-                7

    • राज्य स्तरीय पशु चिकित्सालय      1

    • पशु चिकित्सालय                      329

    • केन्द्रीय पशु औषधालय               30

    • पशु औषधालय                      1761

    • पशु निरीक्षण चौकियां               6

  • प्रदेश की कुल 3243 पंचयतों में से वर्तमान में लगभग 1150 पंचायतों में पशु चिकित्सा संस्थान अभी तक स्थापित नहीं हुए है| इस योजना के अन्तर्गत इन सभी पंचायतों में एक पशु चिकित्सा संस्थान को चरणबद्ध तरीके से स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है|

  • इस योजना के अन्तर्गत इस वर्ष पशु चिकित्सा संस्थान खोलने हेतु 900 पंचायत पशुचिकित्सा सहायक प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है| तथा 103 अभ्यार्थियों को प्रशिक्षण दिलवाया जा रहा है|

  • इन अभ्यार्थियों को एक वर्ष का सैद्धांतिक प्रशिक्षण तथा विभाग के पशुचिकित्सा संस्थानों में 3 माह का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिलवा कर जाबॅ ट्रेनिंग हेतु पंचायत में स्थापित किए गए पशुचिकित्सा संस्थान में नियुक्त किया जाएगा| 9 माह की जॉब ट्रेनिंग निकटतम पशुचिकित्सालय के पशु चिकित्सा अधिकारी की देख रेख में दिलवा कर इन अभ्यार्थियों की अंतिम परीक्षा के पश्चात इन्हें उसी पंचायत में पशुचिकित्सा सहायक के पद पर नियुक्त की जाएगी|

  •  अभ्यार्थियों  का प्रशिक्षण पूरा होने तक पंचायतों में खोले जाने वाले पशु चिकित्सा संस्थान में कार्य करने हेतु विभाग से सेवानिवृत हुए पशु औषधियोजक या पशुचिकित्सा सहायक या मुख्य पशुचिकित्सा सहायकों को नियुक्त किया जाएगा|

मुख्य पृष्ठ | उपकरणों का विवरण | दिशा निर्देश और प्रकाशन | डाउनलोड और प्रपत्र | कार्यक्रम और योजनाएं | घोषणाएँ | नीतियाँ | प्रशिक्षण और सेवाएँ | रोग