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Gauseva Aayog
अध्याय-6


मादा दुधारू पशुपन के जननांगों की रचना तथा कार्य


पशु पालन में दुधारू पशुओं के उत्पादन कार्य का सीधा सम्बन्ध उनके प्रजनन से हैं| उचित प्रजनन के बिना उनसे समुचित उत्पादन लेना संभव नहीं हैं| प्रजनन सम्बन्धीसमस्याओं के समाधान तथा उचित प्रबन्धन के लिए पशुओं के प्रजनन अंगों की रचना तथा उनके कार्यों का ग्यान्होना अत्यन्त आवश्यक है| मादा दुधारू पशुओं (गाय/भैंसों) के जननांगों में निम्नलिखित भाग सम्मिलित होते हैं|
(1)अंडाशय (2)डिम्बवाहनियाँ (3)गर्भाशय (4)योनी तथा (5)भग (योनि द्वार)| 

अंडाशय:


मादा पशुओं में अंडाशय संख्या में दो होते हैं तथा ये उदर गुहा के पिछले हिस्से में स्थित होते हैं| अंडाशय का मुख्य कार्य परिपक अंडे तैयार करना है| इसके अतिरिक्त ये अत:स्रावी ग्रंथि का कार्य भी करते हैं जिसमें ये कुछ विशेष प्रकार के रस जिन्हें हार्मोन्स कहते हैं, भी बनाते हैं| ये हार्मोन्स पशुओं को मद चक्र में लाने तथा गर्भ धारण के बाद उनकी गर्भवस्था को बनाए रखने में महत्वपूर्ण न्हुमिका निभाता है|

डिम्बवाहनियाँ:


ये पतली व टेढ़ी-मेढ़ी दो नलिकायें प्रत्येक अंडाशय में समीप से प्रारम्भ होकर गर्भाशय के अगले भाग में जाकर खुलती हैं| अंडाशय के ऊपर ये वहनियाँ एक कीप की शक्ल में सटी रहती हैं ताकि अंडाशय से निकले अंड को ये ठीक प्रकार से ग्रहण कर सकें| अंडे का निषेचनअर्थात शुक्राणु से मिलकर भ्रूण का निर्माण इन्हीं नलिकाओं में होता है|

गर्भाशय:


गाय व भेंसों में गर्भाशय द्विसिंगा होता है अर्थात यह दो भागों में बंटा होता है| ये दोनों भाग आगे डिम्बवाहनियों से जुड़े होते हैं| पीछे जिस स्थल पर ये दोनों भाग मिलते हैं उसे गर्भाशय कई बाडी कहते हैं|भ्रूण का पूर्ण विकास गर्भाशय के अन्दर ही होता है तथा जन्म होने तक गर्भाशय के माध्यम से ही इसका पोषण होता है|गर्भाशय के पिछले हिस्से को गर्भाशय ग्रीवा कहते हैं|पशु के गर्भवस्था में होने पर गर्भाशय ग्रीवा बंद हो जाती है तथा मदकाल एवं प्रसव की अवस्था में यह खुल जाती है|

योनि:


गर्भाशय ग्रीवा से आरंभ होकर मूत्र-प्रजनन साइनस तक फैला यह एक लम्बा, लचीला तथा नलिकाकार अंग मादा पशुओं में मैथुन कार्य में प्रयोग होता है| गर्भवस्था पूर्ण होने पर प्रसव के समय बच्चे का जन्म भी अंग के इसी माध्यम से होता है|

भग (योनि द्वार):


यह प्रजनन नली का बाहरी निकास है जोकी मल द्वार के ठीक नीचे स्थित होता है| यह लम्बवत रूप में स्थित दो माँसल भागों,जोकिप्रजनन नली को बाहर से बंद रखने के लिए कपाट की तरह कार्य करते हैं,से मिलकर बनता है|

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Visitor No.: 04489548   Last Updated: 13 Jan 2016