घरओवरवियूसंगठनात्मक व्यवस्थाइन्फ्रास्ट्रक्चरभविष्य की रणनीतिगैलरीप्रशासनG2G Loginमुख्य पृष्ठ     View in English    
  बागवानी के ऑनलाइन पोर्टल में आपका स्वागत है     हिमाचल प्रदेश उद्यान विकास परियोजना-पर्यावरण एवं सामाजिक प्रबंधन रुपरेखा     
मुख्य मेन्यू
एक नज़र में बागवानी
नागरिक सेवाएं
सामान्य सूचना
वार्षिक प्रशासनिक प्रतिवेदन
आर. एफ. डी.
फ्लोरीकल्चर
छिडकाव सारिणी
बागवानी सम्बंधित मासिक कार्यसारिणी
फल परिरक्षण सम्बंधित कार्यसारिणी
कीटों की रोकथाम के लिए मासिक कार्य सारिणी
पुष्प उत्पादन सम्बन्धित मासिक कार्य सारिणी
विभागीय फलोद्यान /फल पौधशालाओं हेतु मानक संचालन प्रक्रिया
प्रशिक्षण पुस्तिका
परिचालन संदर्शिका
सूचना का अधिकार नियम 2005
निविदा
सम्बंधित वेबसाइटे
हमसे सम्पर्क करें
मौसम और ऐड ऑन आधारित फसल बीमा योजना के अंतर्गत रबी मौसम 2017-18
फफूंदनाशकों/कीटनाशकों की परीक्षण रिपोर्ट
नागरिक प्राधिकरण
लोकसेवा गारंटी सेवाएँ सम्बन्धी-अधिसूचना
हिमाचल प्रदेश में फलों के पेड़ का मूल्याकन मापदंड
शिकायत निवारण तंत्र के तहत प्रावधानों को लागू करने के लिए परियोजान की सुरक्षा व्यवस्था
नीलामी सुचना
छिडकाव सारिणी वर्ष 2017
   


सेब के रोगों की रोकथाम हेतु छिडकाव सारिणी – वर्ष 2017
क्रम सं. पौधे की अवस्था दवाई का नाम दवाई प्रति 200 ली.      पानीमें रोकथाम टिप्पणी
 1 हरी कली कैपटान
या
डोडीन
या
जीरम
600 ग्राम

200 ग्राम

600 मि.ली.
स्कैब  
 2 गुलाबी कली मैनकोजैब
या
प्रोपिनेब
या
डिफनोकोनाजोल
600 ग्राम
 
600 ग्राम 

30 मि.ली.
स्कैब
 3 पँखुड़ीपात / फल अवस्था
(मटर के दाने के बराबर)
कारबैन्डाजिम
या
थायोफिनेट मिथाईल
या
हैक्साकोनाजोल टेबुकोनाज़ोज
50 प्रतिशत+ट्राईफ्लोकिसस्ट्रोबीन 25प्रतिशत 

100 ग्राम


100 ग्राम

100 मि.ली.
सफ़ेदचूर्ण  रोग 
80 ग्राम

 
स्कैब







 4. फल विकास
(अखरोट के आकार का) 
माइक्लोबूटानिल 
या
मैनकोजैब
 या
प्रोपिनेब
या
डोडीन
या
मैटीराम 55 प्रतिशत +पायराक्लोस्ट्रोबिंन
5 प्रतिशत डब्ल्यूजी
80 ग्राम

600 ग्राम

600 ग्राम 

150 ग्राम


300 ग्राम
स्कैब







अल्टनेरिया लीफ
स्पॉट/ब्लाईट/
असामयिक पतझड़ 
यदि तापमान 30०cसे अधिक हो या अपेक्षित आद्रता अधिक हो तो डोडीन का छिडकाव न करें | 
 5 फल विकास (क्रमांक 4 से 20 दिन बाद ) टेबुकोनाजोज 50 प्रतिशत+ट्राईफलोकिसस्ट्रोबीन 25 प्रतिशत डब्ल्यूजी

प्रोपिनेब
या
जीनेब
80 ग्राम


                                                   600 ग्राम

600 ग्राम



असामयिक



                             स्कैब                                                      स्कैब,ब्लैक रॉट



 6 फल तोड़ने से पूर्व (फल तोड़ने से 20 से 25 दिन पूर्व) कैपटान
या
जीरम
मैटीराम 55 प्रतिशत+ पायराक्लोस्ट्रोबीन
5 प्रतिशत डब्ल्यूजी
600 ग्राम 

600 मि.ली.
 
300 ग्राम

स्कैब,फ्लाई स्पैक/बिटर
रॉट
स्कैब


अल्टनेरिया लीफ
स्पॉट/ब्लाईट
 
फल तोडने के बाद  कॉपर  आक्सीक्लोराईड 600 ग्राम  कैकर 

 


टिप्पणी :- 
  1.    यह छिडकाव सारणी सामान्य मौसम के लिए है|
 
     2    यदि छिडकाव के 12 घंटे के भीतर भारी बारिश होती हैं तो सात दिन के भीतर पुनः छिडकाव करें|


     3    एक ही कीटनाशक/फफूंदनाशक का प्रयोग बार-बार न करें|


     4    कीटनाशक/फफूंदनाशक का प्रयोग बीमारी की सम्भावना पर ही करें|


     5    डोडीन के साथ अन्य कोई भी फफूंदनाशक/रसायन न मिलाए|

     6  उपरोक्त रसायनों के अतिरिक्त छिडकाव में किसी भी प्रकार का रसायन/कीटनाशी /माईक्रोन्यूट्रीयन्ट/पौधवर्धक हारमोन को न मिलायें ताकि पौधों पर खुरदरापन या अन्य प्रकार के विकार न आने पाये| यदि आवश्यकता हो तो अलग से छिडकाव करें|

     7  सेब की गिरी हुई पत्तियों को एकत्रित करके या तो कम्पोस्ट के रूप में गड्ढें में डाल कर सड़ा दें या जला कर नष्ट कर दें तथा बागीचे में गिरे हुए सेब के गिरे हुए पत्ते के ऊपर 5 प्रतिशत यूरिया का स्प्रे करे जिससे पत्तों के सड़ने की प्रक्रिया तेज हो सके या गिरी हुए पत्तियों को इकट्ठा करके जला दे|

     8  कॉपर आक्सीक्लोराईड जोकि डॉ. वाई. एस.परमार औधानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी द्वारा जांचा -परखा गया है और पेड के ऊपर दर्शाई गई अवस्था पर छिडकाव हेतु अति आवश्यक है परन्तु यह उत्पाद केंद्रीय कीटनाशक बोर्ड व पंजीकरण समिति द्वारा अभी तक पंजीकृत नहीं है |



ओलावृष्टि के बाद अन्य सिफारिशें :-

  1. ओलावृष्टि के तुरन्त बाद कारबैन्डाजिम 100 ग्राम  या  मैनकोजैब 600 ग्राम का 200 लीटर पानी में घोल बनाकर स्प्रे करें |
  2. ओलावृष्टि के 3-4 दिनों के अन्दर 200 ग्राम बोरिक एसिड + 500 ग्राम जिंक सल्फेट +250 ग्राम अनबुझा चूना का 200 लीटर पानी में घोल बनाकर छिडकाव करें 
  3. 10-12 दिनों के बाद सूक्ष्म पोषक तत्वों जैसे कि एग्रोमिन,मल्टीप्लेक्स या माइक्रोविट का प्रति 400-600 ग्राम  प्रति 200 लीटर पानी में घोल बनाकर छिडकाव करेंतथा ओलावृष्टि से प्रभावित बागीचों में यूरिया (1 कि.ग्रा.प्रति 200 ली.पानी) का छिडकाव करें|
मुख्य पृष्ठ|उपकरणों का विवरण|दिशा निर्देश और प्रकाशन|डाउनलोड और प्रपत्र|कार्यक्रम और योजनाएं|घोषणाएँ|नीतियाँ|प्रशिक्षण और सेवाएँ|रोग
Visitor No.: 02132873   Last Updated: 13 Jan 2016