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  हिमाचल प्रदेश उद्यान विकास परियोजना-पर्यावरण एवं सामाजिक प्रबंधन रुपरेखा     
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वर्षाकालीन फल पौधों की दर
शरदकालीन फल पौधों की दर
आर. एफ. डी.
दर सूची
मई

मई का पहला पखवाड़ा


  1. नर्सरी से खरपतवार निकाले तथा सिचाई करते रहे|


  2. पौधों के टोलियों से खरपतवार निकालें, जहाँ पानी की सुविधा हो, सिंचाई करें|


  3. सेब के पौधों में नाईट्रोजन की आधी मात्र डालें|


  4. किवी फल में हाथ से परागण करें|


  5. अत्यधिक फलन कि अवस्था में प्लानोफिक्स (1 मि. ली. / 4.5 ली.पानी में ) छिडकाव करके फलों का विरलन करें|




सदाबहार पौधें :-


  1. पौधों कि सिंचाई समयानुसार करें|


  2. सूक्ष्म तत्वों का छिडकाव अगर अप्रैल महीने में न किया हो तो उसका छिडकाव करें|


  3. किन्नू के फलों का विरलन प्रतिवर्ष फूल खिलने के 40 दिन बाद नेपथलीन एसिटिक एसिड 350 पी.पी.एम. (प्लानोफिक्स 7.8 मि.ली. पानी द्वारा या इथरल 0.5 ग्राम /ली.) पानी द्वारा करें|


  4. खरपतवारनाशक का प्रयोग करें|


मई का दूसरा पखवाडा


  1. अखरोट में चिप चश्मा लगा कर प्रवर्धन करें तथा सेब, खुमानी व आडू में चश्मा लगा कर प्रवर्धन करें|


  2. गुठलीदार फलों की अगेती किस्मों की तुडाई करें|


  3. सूक्ष्म तत्वों की कमी के लिए सेब के बगीचों में मल्टीप्लेक्स, टेसल या अग्रोमिन का छिडकाव करें|


  4. अगर आवश्यकता हो तब किवी फल में, फलों का विरलन हाथ द्वारा करें|



सदाबहार फल :-


  1. अवांछित कोपलों और सदाबहार शाखाओं को निकल दें|


  2. लीची फल कि तुड़ाई आरम्भ करें|


  3. आवश्यकता अनुसार सिंचाई करें|


  4. नए बागीचे लगाने के लिए रेखांकन व गड्ढे तैयार करें|

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Visitor No.: 04502064   Last Updated: 13 Jan 2016